मैंने अपने एक दोस्त, प्रवीन, से request करी कि वह show देखने का मेरा कुछ जुगाड़ करे। Industry में उसकी काफ़ी जान पहचान है।
"तू जायेगा ?"
"हाँ क्यों ?" मुझे कुछ ताज्जुब हुआ "अरे यार ! Show देखने जाना चाहता हूँ…स्टेज पर नहीं।"
"तूने कपिल के program तो देखे हैं।"
"हाँ, करीब करीब सारे episode." मैंने अधीर होते हुए कहा।
"तूने देखा नहीं तोंद वालों की कैसी खिचाई करता है वह ? उधेड़ के रख देता है।"
(पाठकों को बता दूँ कि तोंद को कई नामों से संबोधित किया जाता है जैसे - tummy, paunch, bay window, pot belly, pot वगैरह वगैरह। आशा है आप समझ गए होंगे कि शरीर का कौन सा भाग विषय वस्तु है।)
प्रवीन चालू रहा "तू यह तोंद ले कर जायेगा तो कपिल तुझे देखते ही शुरू हो जाएगा - 'भाईसाहब! Balcony तो अपने साथ ले आए, अब घर पर कपड़े कहाँ सूख रहे होंगे ?' या बोलेगा 'आपको चाय पीने के लिए table की तो ज़रूरत ही नहीं है।' हो सकता है वह कहे कि 'आपके बच्चों को बरसात में छाते की तो ज़रूरत ही नहीं पड़ती होगी।' यह सब झेलेगा तू ? खटाई कर देगा कपिल भरी सभा में।"
"मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। ये सब मैं कई सालों से झेलता आ रहा हूँ। कपिल बेचारे की तो तोंद नहीं है तो वह तोंद वालों से जलता है। अब स्कूटर वाला कार वाले से तो जलेगा ही। …Natural Envy. उन की पैंट की belt 2 चक्कर लगा के भी ढीली रहती है पर हम पौने चक्कर में ही अटका लेते हैं। हमारी पैंट एक दम fit आती है और वह लोग artificial तोंद बनाने के लिए पैंट में pleats/tucks डलवाते हैं जिससे कुछ फूला फूला लगे। हमारी pleats के अंदर solid तोंद होती है और उनकी में हवा…उनके मन में complex आना तो लाज़मी है।
और कपिल के कौन से six packs हैं लेकिन मेरे six bags हैं। .... बोलो कौन बेहतर ? एक बार शो दिखवा दे यार ! कपिल को live देखने की बड़ी इच्छा है।"
"अरे यार, मेरे से तू इतना बोल रहा है न... वहां कपिल के सामने घिग्घी बंध जाएगी।" प्रवीन को अभी भी मेरी इज़्ज़त की चिंता थी।
"तू अभी भी नहीं समझा यार। मोटापा ख़ुदा की नियामत है…हरेक के नसीब में नहीं होता। तुझे अपने कॉलेज में अरविंद की याद है ? एक दम सूखा था। लखनऊ चिकन का कुरता पहनता था तो ऐसा लगता था जैसे कुर्ता hanger पर टंगा है। तेज़ पुरवाई चलती थी तो घर से बाहर नहीं निकलता था कि कहीं उड़ न जाये। 5 साल का बच्चा भी उसको गाली दे कर उसके सामने सीना तान के निडर खड़ा रहता था। रिक्शे पर बैठता था तो रिक्शेवाला कहता था 'अरे आपका तो कुछ वज़न ही नहीं है। खाली रिक्शे का क्या भाड़ा लूँ ? ये 5 रूपए आप रखो और जा के कुछ खा लो।' एक बार तो hostel में मेरी तबियत ख़राब हुई। एम्बुलेंस बुलाई गई। 2-3 दोस्त मेरे कमरे में बैठे थे…अरविंद भी था। एम्बुलेंस वाले अरविंद को उठा के ले जाने लगे। जब बताया कि patient मैं हूँ तो बोले दिखने में तो यह लग रहा है। अब बताओ, यह जीना भी कोई जीना है ?
अब सुनिए हमारा हाल। लाइन में खड़े हो कर मैंने आगे वाले को धक्के मारने शुरू कर दिए। गुस्से में पलट के उसने कहा 'धक्का क्यों दे रहे हो ?' मैंने कहा 'धक्का कहाँ दे रहा हूँ, मैं तो सांस ले रहा हूँ। मेरी सांस रोकोगे तो मर नहीं जाऊंगा ? कोशिश भी मत करना। कानून के हाथ बहुत लम्बे होते हैं।' मेरी तोंद देख के उसे यकीन हो गया कि मैं सांस ही ले रहा होऊंगा। बेचारा चुप हो गया।
एक बार लखनऊ में दोपहर में मैं स्कूटर से कहीं जा रहा था। सड़क बिल्कुल खाली थी और मैं अपने ख्यालों में डूबा हुआ स्कूटर चला रहा था। लाल बत्ती पर मेरा ध्यान नहीं गया और रोकते रोकते भी सामने वाले स्कूटर से छू गया। वह बहुत गुस्से में पलटा और लगभग गाली देने वाला था मगर मुझे देख कर बोला 'Sorry भाईसाब !' देखा फायदा ? मैंने पीछे से ठोका मगर वह सामने से मुझे sorry बोला। फायदे हैं इस वज़न के।"
प्रवीन भी अड़ियल था बोला "यह मोटापे का नफ़ा नुकसान न समझाओ मुझे। कल से Gym जाना शुरू कर दो और जब पेट अंदर आ जाए तो बता देना।"
"देख भई ! इतने साल में तोंद तो मेरी identity बन गई है। इसको मिटाने का मतलब मेरी identity गई। कुछ साल पहले मैं अपने एक पुराने boss से मिलने उनके ऑफिस गया। उनका पूरा chamber बना था glazed glass का। अंदर से बाहर का या बाहर से अंदर का कुछ भी दिखाई नहीं पड़ सकता था। पर बीच में एक पतली सी पट्टी transparent थी उसमें से झांक के देख सकते थे कि boss व्यस्त हैं या नहीं। मैंने झुक के उस पट्टी में से झांक के देखा। कुछ लोग उनके पास बैठे थे। मैं वापिस जाने के लिए चल दिया। थोड़ी देर बाद उनका चपरासी दौड़ता हुआ आया और बोला 'साहब बुला रहे हैं।' में boss के chamber में गया और पूछा 'Sir, आपको कैसे पता चला कि मैं आया था ? मैंने जब झांक के देखा तो आप दूसरी तरफ देख रहे थे। इस पट्टी में से आप मेरा चेहरा तो देख ही नहीं पाए थे। boss बोले 'इस पट्टी में से मुझे आपकी तोंद दिख गई थी।'
अब तुम्हीं बताओ यार, इतनी बड़ी दुनिया में अगर केवल तोंद देख के boss बता सकते थे कि बंदा कौन है तो इससे बड़ा identity proof क्या हो सकता है ? मैं इसको अपने से अलग कैसे कर दूँ ?
ऐसे ही मेरे दूसरे बॉस हमेशा कहते थे की मेरे आने से पहले ही मेरी तोंद कमरे में enter कर जाती है। मुझे ऐसा लगता था जैसे बादशाह अकबर के आने से पहले मुनादी होती थी 'बा मुलाहिज़ा… बा अदब ....', वैसे ही मेरी तोंद मेरे आने का ऐलान करती है। What a royal feeling."
प्रवीन थोड़ा उत्सुक हुआ "तुझे अपने नाप के ready-made कपडे मिल जाते हैं ?"
"अरे यार, शुरू में थोड़ी दिक्कत हुई थी। हम गए Pantaloon में। उसने largest size निकाला। मैं trial room से बाहर निकला तो मैंने sales man को बोला 'तेरा यह largest size तो मुझे इतना tight है कि मैं राखी सावंत लग रहा हूँ।' सारी public हंस दी पर अपनी सेहत पर क्या असर ? कुछ महीनों बाद Kishore Biyani जी को हम जैसों में potential नज़र आया और उन्होंने ALL शुरू किया। ALL का मतलब - A Little Larger, जो outlet हम जैसे हृष्ठपुष्ट लोगों के लिए ही है। Showroom में घुसा तो सारे mannequine मेरी सेहत से मिलते जुलते। बड़ा अपना अपना सा लगा। बाकी सारी दुकानों के mannequine इतने slim-trim होते हैं कि मुझे घबराहट होती है। पता नहीं उस तरह की figure वाले कितने इंसान होंगे दुनिया में ? Not many. ख़ैर.…sales man ने मुझे देख कर मेरा size 2 नंबर बताया तो और ख़ुशी हुई। दूसरी brands में तो मुझे देखते ही बोलते थे आपका size XXL या XXXL आएगा या कहेंगे 44 या 46 नंबर आएगा। फिर कहेंगे 'Sorry Sir, हम यह size रखते नहीं हैं।'
अरे ! यह क्या बात हुई ? इतना बड़ा showroom और मेरा size नहीं रखते ? इंसान का size है कोई रामलीला के रावण के लिए suit बनवाने नहीं आए हम। ALL के शोरूम में अपना size 2 नंबर का सुन के बड़ा अच्छा लगा…single digit size तो बचपन में हुआ करता था। जितने भी posters लगे थे उन सब में models भी अच्छे खाते-पीते परिवार के थे। अब तो मैं वहीँ से अपने सारे कपडे खरीदता हूँ। कई बार तो tight कराने पड़ते हैं। तू जा के देख वहां … मुझ से भी जाड़िये customers आते हैं। Trial Room भी खूब फैल के बनाए हैं वरना दूसरे showrooms में तो शर्ट पहनो तो ऊपर पंखे में हाथ घुस जाता है। T-Shirt पहनो तो bulb फूटने का डर रहता है। Jeans का trial लेने के लिए झुको तो पिछाड़ी दीवार से टकरा जाती है और सिर सामने वाली दीवार से। साले कबूतरखाना बना के रखते हैं। हम तो भैय्या ALL को बहुत दुआँए देते हैं।"
"अच्छा बहुत राग अलाप लिया मोटापे का। तेरे साथ कभी ऐसा नहीं हुआ कि तुझे मोटापे की वजह से embarrass होना पड़ा हो ?"
"कई बार! Swimming pool पर जाता हूँ तो बच्चे कहते हैं 'Uncle, हमें बाहर आने दो तब घुसना पानी में। नहीं तो स्विमिंग पूल का पानी बाहर आ जाएगा और हम सब नीचे गिरेंगे।'
Flight में तो कई बार air hostess ने मुझे देखा और extra seat belt ले कर आ गई। मैंने कहा 'मोहतरिमा ! अब क्या मुझे हवाईजहाज़ के साथ बांधोगी ? घबराओ नहीं, जब तक उड़ रहा है, मैं कहीं भागूंगा नहीं।'
Lift में तो कई बार ऐसा हुआ है कि ज़्यादा भीड़ वाली lift में मैं घुसा तो overload की light जल गई। फिर load कम करने के लिए एक आदमी बाहर निकल गया …lift बंद हो गई पर फिर भी overload … फिर पहला आदमी अंदर आ गया और दूसरा निकला। दरवाज़ा बंद हुआ पर लिफ्ट फिर भी overload। तब मैं बाहर निकला.... दरवाज़ा बंद हुआ और lift चल पड़ी। मैं बाहर खड़ा हूँ और अंदर से सबके हंसने की आवाज़ें आ रही हैं।
और सुनो - एक बार एक urinal के बाहर हम दो लोग खड़े अपनी बारी आने का wait कर रहे थे। मेरे पीछे वाला बोला, आप बुरा न माने तो मैं पहले फ़ारिग हो लूँ आपको तो ज़्यादा time लगेगा। मुझे भी खुंदक आ गई। मैंने उसे हड़का लिया 'अबे ये मेरा पेट है जो बड़ा है .... bladder नहीं है। मुझे क्या NMMC का पानी का टैंकर समझा है जो 5 घंटों में खाली होगा ? चुपचाप रोक के खड़ा रह।'
हद तो हो गई Tanzania में। मैं एक factory visit पर काफ़ी interior में गया था। दिन में एक ही flight होती थी वहां के लिए और उस पर passenger कम होने की वजह से, छोटा aircraft ही चलाया जाता था। एयरपोर्ट पर check-in के वक्त सामान मैंने weighing machine पर रख दिया। Airline के staff ने थोड़ी देर मुझे देखा और फिर कहा आप भी weighing machine पर खड़े हो जाइये। आस पास के बाकी यात्री ये तमाशा देखने लगे....कुछ लोग दौड़ कर अपने बच्चों को भी ये तमाशा दिखाने को खींच लाये। और फिर हर फ़ोन का कैमरा click करने लगा। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे celebrity माना जा रहा था या cartoon। मैंने airline के staff से पूछा 'मुझे किस ज़ुल्म की सज़ा दे रहे हो, भाई ?'
'हवाईजहाज़ छोटा है। ज़्यादा load नहीं ले सकता।'
'तो मुझे क्यों तौल रहे हो ? और किसी को क्यों नहीं तौला ?'
उसने मेरी तोंद पर आँखें गड़ाईं और बोला 'आप extra baggage साथ ले कर चल रहे हो। उसको अलग से check-in कर सको तो आपको नहीं तौलेंगे।'
'अबे यह मेरी तोंद है, कोई chicken leg-piece नहीं जो अलग से pack कर के तौल दो।'
'देखो सर ! अगर आपका और आपके सामान का वज़न excess आया तो दो में से एक ही load होगा…या तो आप या आपका सामान।'
'क्या बेवकूफ़ी का rule है तुम्हारा। और अगर मेरा अकेले का वज़न ज़्यादा हुआ फिर क्या करोगे ?'
'फिर तो या तो आप जाओगे या आपकी यह…क्या बोलते हो आप इसे.…हाँ…तोंद।'
अच्छा हुआ उत्तर प्रदेश नहीं था वरना मेरे हाथों 302, नहीं तो 307 का case तो हो ही जाता। उनकी किस्मत अच्छी थी कि सामान और मेरा, दोनों का मिला कर वज़न सही निकला।
Sonography centre पर तो कमाल ही हो गया। मैं sonography कराने पहुँचा तो मेरा सातवाँ नंबर था। मुझे waiting room में बैठा दिया गया और पानी की बोतल दे दी गई। मुझसे पहले 6 और waiting में थीं और सब महिलाएं थीं। उन सबके और मेरे पेट के साइज में कोई ज़्यादा फर्क नहीं था। हरेक या तो अपनी माँ के साथ थीं या सास के साथ। उनमें एक सास तो बिल्कुल कपिल शर्मा की सास (सुनील ग्रोवर) की कार्बन कॉपी थी। एकदम उसकी तरह देहाती और बात करने में भी उसकी जैसी। कूद कूद कर हरेक के पास जा जा कर पूछ रही थी 'तेरे को कितने महीने हो गए बेटी ?' कोई 6 बोला, कोई 7 और कोई बोला 8 महीने। फिर उन्होंने मेरी तरफ देखा। मुझे बड़ी खुंदक आई। मैंने कहा 'माता जी ! मेरे तो 14 साल हो गए हैं।' उन्होंने ने तुनक के मुँह फेर लिया।फिर उन्होंने एक प्लास्टिक के डब्बे में से अचार निकाल कर अपनी बहू को खिलाया। थोड़ा थोड़ा बाक़ी महिलाओं को भी दिया और फिर मेरे पास आ कर बोलीं 'ले बेटा ! तू भी खा ले। जी नहीं मिचलाएगा।'
उन्होंने मेरी मज़ाक का बदला ले लिया था। सारा गर्भगृह मुझ पर हँसने लगा। मुझे शक हुआ कहीं यह वाकई में सुनील ग्रोवर की करीबी तो नहीं ?
मैंने कहा 'माता जी ! मुझे वह नहीं हुआ है जो इन सब को है।'
'क्या पता बेटा। मैं तो ठहरी गाँव की अनपढ़ बुढ़िया। मुझे क्या मालुम साइंस कितनी तरक्की कर गई है। सब को चटाऊं और तुझे छोड़ दूँ तो तू feel कर जायेगा कि - लो जी, मैं बाप बनने वाला हूँ और माता जी ने सब को अचार चटाया पर मुझे नहीं।'
'माता जी ! मैं यहाँ अपनी पथरी के लिए सोनोग्राफी कराने आया हूँ।' मेरा सुर कुछ चिड़चिड़ा हो गया था।
'न बेटा, तेरे पेट को देख कर तो पथरी न लगे है। जो तेरे पेट में है उसे तो चट्टान कहते हैं… ले, बिना x-ray के ही बता दिया। अब टेस्ट की ज़रूरत न है तुझे।' सुनील ग्रोवर ने जम के अपना बदला ले लिया था।
इतना सब झेलने के बाद, प्रवीन, तू क्या सोचता है.... कपिल को नहीं झेल पाऊंगा ?"
"तेरी मर्ज़ी। जुगाड़ करने में और date मिलने में 3-4 महीने तो लग ही जायेंगे। तब तक, मेरे भाई, जितना कम कर सके कर ले।" यह कह कर प्रवीन निकल लिया।
अभी कुछ दिन पहले प्रवीन फिर टकरा गया। मैंने पूछा "यार, अब तो 4 महीने भी पूरे हो गए। कुछ जुगाड़ कर पाए ?"
"Bad news यह है कि Comedy Nights with Kapil अब बंद होने जा रहा है। जब कपिल का कोई दूसरा प्रोग्राम शुरू होगा तब देखेंगे। लेकिन तूने अपने excess baggage के लिए कुछ किया हो ऐसा तो लगता ही नहीं। लोग तंदुरुस्ती की बात करते हैं और तू है कि तोंदुरुस्ती पर ही अटका हुआ है।"
"अरे, पूछ मत यार। बहुत कोशिश करी मगर यह साली तोंद भी CPWD है।"
"CPWD मतलब Central Public Works Department ? इसका उससे क्या संबंध ?"
"नहीं। CPWD मतलब Constant Pregnancy Without Delivery. अब तो मैं गुलज़ार साहब की सीख पर ही चलूँगा -
'नाम गुम जायेगा
चेहरा ये बदल जायेगा
दांत गिर जायेंगे
बाल उड़ जायेंगे
चाँद झलक जाएगी
हे मानव ! बस तेरी यह तोंद ही तेरी पहचान रह जाएगी।'
अत: उसको ऐसे ही रहने दो यारों। उससे कोई छेड़ छाड़ मत करो।"

Very Nice. Appreciate your sense of humour and also your Hindi language skill.
ReplyDeleteThanks for your expert comments Rajiv. Gives me lot of encouragement.
DeleteAs usual, you have written well. Again again my suggestion is to make the posting as short as possible. Lenghty postings are not suitable ion computer reading. At the same time if it comes in print (magazine or weeklies), readers will be able to read comfortably. I am learning precis writing nowadays for successfully posting in blog.
ReplyDeleteAll the best.
As usual, you have written well. Again again my suggestion is to make the posting as short as possible. Lenghty postings are not suitable ion computer reading. At the same time if it comes in print (magazine or weeklies), readers will be able to read comfortably. I am learning precis writing nowadays for successfully posting in blog.
ReplyDeleteAll the best.
Thanks Murali for your comments. Will try to make them shorter.
DeleteAll the best.
ReplyDeleteAMAZING SENSE OF HUMOUR TRANSLATED INTO WRITING.
ReplyDeleteWonderful sense of humour
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